सीएम योगी गोरखपुर रंगोत्सव, योगी आदित्यनाथ होली शोभायात्रा, भगवान नृसिंह शोभायात्रा गोरखपुर, गोरक्षपीठाधीश्वर योगी, गोरखनाथ मंदिर होली, Gorakhpur Holi procession, Yogi Adityanath Gorakhpur Holi, Narasimha Shobha Yatra UP, RSS Holi event Gorakhpur, Uttar Pradesh festival news,योगी आदित्यनाथ होली फोटो, गोरखपुर घंटाघर शोभायात्रा, भगवान नृसिंह रथ, गोरखनाथ मंदिर होलिकादहन, Gorakhpur Holi procession image, Yogi Adityanath Holi celebration, Narasimha Rath Gorakhpur, RSS Holi event photo,गोरखपुर जिला धार्मिक समाचार, उत्तर प्रदेश होली पर्व खबर, गोरखनाथ मंदिर आयोजन, गोरखपुर शोभायात्रा लाइव अपडेट, Gorakhpur district festival news, Uttar Pradesh religious event coverage, Eastern UP Holi procession report, CM Yogi Gorakhpur visit news,#सीएम_योगी, #गोरखपुर_रंगोत्सव, #नृसिंह_शोभायात्रा, #गोरखनाथ_मंदिर, #YogiAdityanath, #GorakhpurHoli, #RSS, #UttarPradeshNews, #FestivalOfColors,

सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में होलिकोत्सव पर भगवान नृसिंह की शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। घंटाघर से निकलने वाली इस पारंपरिक यात्रा में सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति का संदेश दिया जाएगा।

हाइलाइट्स:

  • गोरखपुर में भव्य भगवान नृसिंह रंगभरी शोभायात्रा
  • सीएम योगी आदित्यनाथ बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर करेंगे नेतृत्व
  • श्री होलिकोत्सव समिति व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बैनर तले आयोजन
  • 1944 में नानाजी देशमुख ने शुरू की थी परंपरा
  • गोरखनाथ मंदिर से होलिकादहन की भस्म से होगी शुरुआत

गोरखपुर। होली के पावन अवसर पर गोरखपुर का पारंपरिक रंगोत्सव इस वर्ष भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा में शामिल होकर इसकी अगुवाई करेंगे। यह शोभायात्रा बुधवार सुबह घंटाघर से श्री होलिकोत्सव समिति और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बैनर तले निकलेगी।

सामाजिक समरसता का संदेश

गोरक्षपीठ के नेतृत्व में निकलने वाली यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक मानी जाती है। दशकों से चली आ रही इस परंपरा के तहत गोरक्षपीठाधीश्वर स्वयं इसमें शामिल होकर समाज को भेदभाव भुलाकर एकजुट रहने का संदेश देते हैं।

योगी आदित्यनाथ वर्ष 1996 से 2019 तक लगातार शोभायात्रा का नेतृत्व करते रहे। वर्ष 2020 और 2021 में कोविड-19 संक्रमण के चलते उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य की दृष्टि से इसमें भाग नहीं लिया। वर्ष 2022 से पुनः उन्होंने इस परंपरा की अगुवाई शुरू की, जो अब पूर्वांचल की प्रमुख सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गोरखपुर में भगवान नृसिंह रंगोत्सव शोभायात्रा की शुरुआत वर्ष 1944 में आरएसएस के प्रचारक नानाजी देशमुख ने की थी। उनका उद्देश्य होली के अवसर पर समाज को एकजुट करना था। बाद में गोरक्षपीठ का इस परंपरा से गहरा जुड़ाव हुआ।

ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के निर्देश पर महंत अवेद्यनाथ ने शोभायात्रा में पीठ का प्रतिनिधित्व करना शुरू किया, जिसके बाद यह गोरक्षपीठ की होली का अभिन्न अंग बन गया। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह आयोजन पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामाजिक समरसता के विशिष्ट पर्व के रूप में स्थापित हो चुका है।

पांच किलोमीटर की भव्य यात्रा

भगवान नृसिंह की यह शोभायात्रा पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करती है। पथ नियोजन का दायित्व आरएसएस के कार्यकर्ता संभालते हैं। भगवान नृसिंह के रथ पर सवार होकर गोरक्षपीठाधीश्वर श्रद्धालुओं के बीच रंग और अबीर-गुलाल के साथ शुभकामनाओं का आदान-प्रदान करते हैं।

गोरखनाथ मंदिर से होगी शुरुआत

रंगोत्सव की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में होलिकादहन की राख से तिलक लगाकर होगी। पीठाधीश्वर के साथ मंदिर के प्रधान पुजारी और अन्य साधु-संत भी होलिकादहन की भस्म से रंगोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर फाग गीतों की गूंज मंदिर परिसर में वातावरण को भक्तिमय बनाएगी।

दोपहर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सानिध्य में होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल होंगे।

गोरखपुर का यह रंगोत्सव हर वर्ष सामाजिक सौहार्द, सांस्कृतिक गौरव और आध्यात्मिक उत्साह का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है, और इस बार भी मुख्यमंत्री की मौजूदगी इसे और खास बनाएगी।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *