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लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) की जर्जर लाल बारादरी पर विवाद फिर गरमाया। नमाज और इफ्तार के बाद एबीवीपी ने हनुमान चालीसा पढ़ी। 13 छात्रों पर चालान, भारी पुलिस बल तैनात।

हाइलाइट्स:

  • लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में लाल बारादरी विवाद फिर गरमाया
  • सड़क पर नमाज के बाद एबीवीपी ने किया हनुमान चालीसा पाठ
  • 13 छात्रों के खिलाफ चालान, 24 फरवरी को पेश होने का नोटिस
  • प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से बारादरी में प्रवेश किया प्रतिबंधित
  • परिसर में भारी पुलिस बल तैनात

लखनऊ। राजधानी स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में जर्जर घोषित लाल बारादरी को लेकर एक बार फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया। सोमवार को सड़क पर नमाज और इफ्तार के बाद मंगलवार को एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने बारादरी के सामने हनुमान चालीसा पाठ और गंगाजल से शुद्धिकरण का प्रयास किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को रोका और स्थिति संभाली।

नमाज और इफ्तार से शुरू हुआ विवाद

जर्जर लाल बारादरी को बंद किए जाने के विरोध में एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा और आइसा समेत संयुक्त छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को परिसर में सड़क पर नमाज अदा की और इफ्तार किया। इस कदम का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विरोध किया।

मंगलवार को एबीवीपी और राष्ट्रीय शिक्षार्थी दल से जुड़े छात्र लाल बारादरी के सामने एकत्र हुए और हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया। पुलिस ने गंगाजल से शुद्धिकरण की कोशिश को रोक दिया।

पुलिस बल तैनात, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मुख्य कुलानुशासक प्रो. राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने हस्तक्षेप कर छात्रों को समझाने का प्रयास किया।

बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी परिसर में प्रवेश की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर ही रोक दिया।

13 छात्रों पर कार्रवाई

सोमवार देर रात पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में 13 छात्रों के खिलाफ चालान किया। सभी को 24 फरवरी को पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) के समक्ष उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार लाल बारादरी भवन अत्यंत जर्जर और असुरक्षित स्थिति में है। सुरक्षा कारणों से उसमें प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। भवन के बाहर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और जीर्णोद्धार के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से पत्राचार किया जा रहा है।

एबीवीपी ने परिसर में कथित अवैध मजारों की जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं संयुक्त छात्र संगठनों का कहना है कि लाल बारादरी का ताला खोला जाए और इसे छात्रों के लिए पुनः उपलब्ध कराया जाए।

मंगलवार को छात्र नेता जतिन शुक्ला के नेतृत्व में एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

माहौल संवेदनशील

प्रशासन का कहना है कि निर्णय केवल सुरक्षा कारणों से लिया गया है और इसका किसी समुदाय विशेष से संबंध नहीं है। फिलहाल परिसर में सुरक्षा कड़ी है और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

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