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“UP का पहला वानिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर में बनेगा। योगी कैबिनेट ने कैम्पियरगंज रेंज के भारी वैसी वन ब्लॉक में 50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। परियोजना की लागत 621.26 करोड़ रुपए है।”

हाइलाइट्स:

  • गोरखपुर में बनेगा उत्तर प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय
  • योगी कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी
  • कैम्पियरगंज रेंज के भारी वैसी वन ब्लॉक में होगा निर्माण
  • 50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर बनेगा विश्वविद्यालय
  • 621.26 करोड़ रुपए अनुमानित लागत, बजट में 49.99 करोड़ का प्रावधान

लखनऊ। UP का पहला वानिकी विश्वविद्यालय अब पूर्वांचल के गोरखपुर जिले में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल (योगी कैबिनेट) की बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है।

प्रस्तावित वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना गोरखपुर के कैम्पियरगंज रेंज अंतर्गत भारी वैसी वन ब्लॉक में की जाएगी। इसके लिए 50 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि चिन्हित की गई है, जहां आधुनिक शैक्षणिक, शोध और प्रशिक्षण सुविधाओं से युक्त परिसर विकसित किया जाएगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 621.26 करोड़ रुपए है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इसके लिए 49.99 करोड़ रुपए का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है, जिससे प्रारंभिक निर्माण और आधारभूत संरचना के कार्यों को गति मिलेगी।

यह विश्वविद्यालय वानिकी, जैव विविधता, जलवायु परिवर्तन, वन प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों में उच्च शिक्षा और अनुसंधान का केंद्र बनेगा। इससे न केवल उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, बल्कि वन संसाधनों के वैज्ञानिक और सतत उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि यह उत्तर प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा, जिससे गोरखपुर राज्य के प्रमुख शैक्षणिक और पर्यावरणीय हब के रूप में उभरेगा।

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