मोहन भागवत जैसलमेर चादर महोत्सव, RSS प्रमुख जैसलमेर आगमन, पार्श्वनाथ जैन मंदिर दर्शन, Jinbhandra Suri Gyansagar अवलोकन, दादा गुरुदेव चादर अभिषेक, Jaisalmer Chadar Mahotsav 2026, Mohan Bhagwat Jaisalmer visit, Jain Chadar Festival, Parshvanath Temple visit, Jinbhandra Suri Manuscripts, Jaisalmer Jain Heritage, Indian Culture and Spirituality, Chadar Abhishek Jaisalmer, Dada Gurudev chadar 871 years,Mohan Bhagwat Jaisalmer Chadar Mahotsav, Chadar Abhishek Jaisalmer 2026, Parshvanath Temple visit by RSS chief, Jinbhandra Suri manuscripts Jaisalmer, 871 year old Dada Gurudev Chadar, Jaisalmer Jain Heritage Festival, Mohan Bhagwat RSS chief visit Jaisalmer, Jain Society Chadar Abhishek, Spiritual and Cultural Event Jaisalmer, Indian Culture Religious Events, Jaisalmer Chadar Mahotsav coverage, RSS chief Mohan Bhagwat visit Rajasthan,#MohanBhagwat #ChadarMahotsav #Jaisalmer #RSS #ParshvanathTemple #JinbhandraSuri #DadaGurudevChadar #IndianCulture #SpiritualFestival #JainHeritage #RajasthanNews #CulturalEvent #ReligiousEvent #ChadarAbhishek,मोहन भागवत जैसलमेर आगमन, चादर महोत्सव दर्शन, सोनार दुर्ग किला, पार्श्वनाथ मंदिर दर्शन, Jinbhandra Suri ज्ञान भंडार, 871 साल पुरानी चादर, Jain Chadar Festival Mohan Bhagwat, Parshvanath Temple Sonar Fort, Jinbhandra Suri manuscripts Jaisalmer, Dada Gurudev Chadar Abhishek, Indian Culture Spiritual Event, Jaisalmer Jain Heritage Festival,

मोहन भागवत जैसलमेर चादर महोत्सव में शामिल हुए। सोनार दुर्ग किले में पार्श्वनाथ मंदिर के दर्शन, जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार का अवलोकन और दादा गुरुदेव की 871 साल पुरानी पवित्र चादर का अभिषेक। धर्मसभा में भारतीय संस्कृति और सामाजिक सद्भाव पर भाषण।

जैसलमेर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat शुक्रवार को जैसलमेर पहुंचे। वे जैन समाज के ऐतिहासिक चादर महोत्सव में भाग लेने आए हैं। उनके आगमन को लेकर शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

सोनार दुर्ग और पार्श्वनाथ जैन मंदिर में दर्शन

जैसलमेर पहुंचने के बाद मोहन भागवत सबसे पहले किशनघाट स्थित सीमा जन कल्याण समिति पहुंचे, जहां संघ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे Sonar Fort पहुंचे।

किले में स्थित Parshvanath Jain Temple में उन्होंने दर्शन किए और मंदिर के मूल गर्भगृह में भगवान पार्श्वनाथ की पूजा-अर्चना की।

जैसलमेर में चादर महोत्सव

जिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार और ऐतिहासिक धरोहर

दर्शन के बाद Jinbhandra Suri Gyansagar का अवलोकन किया। यहां उन्होंने प्राचीन पांडुलिपियों और दादा गुरुदेव की पवित्र चादर समेत अन्य ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में जानकारी ली।

चादर महोत्सव का मुख्य आकर्षण है 871 वर्षों बाद दादा गुरुदेव की चादर का अभिषेक। जैन समाज में इसे लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जैसलमेर पहुंचे हैं।

धर्मसभा और लोकार्पण

दोपहर में मोहन भागवत धर्मसभा को संबोधित करेंगे। अपने संबोधन में वे भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव के महत्व पर विचार रखेंगे।

इस अवसर पर वे दादा गुरुदेव स्मारक सिक्का, डाक टिकट और डॉ. विद्युत प्रभा द्वारा लिखित पुस्तक ‘दादा गुरुदेव’ का लोकार्पण भी करेंगे।

जैन समाज की ऐतिहासिक विरासत

जैसलमेर जैन धर्म की आस्था, परंपरा और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहाँ 872 साल पुरानी दादा गुरुदेव की चादर सहित कई धार्मिक धरोहर आज भी सुरक्षित हैं। यह चादर जैन धर्म की साधना, त्याग और तपस्या की परंपरा का प्रतीक मानी जाती है।

देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *