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अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ी: प्रयागराज माघ मेले में पांच दिन से धरने पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को तेज बुखार हो गया। वसंत पंचमी के बड़े स्नान पर्व पर भी उन्होंने संगम स्नान नहीं किया।

हाइलाइट्स :

  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पांच दिन से धरने पर
  • तेज बुखार के कारण तबीयत बिगड़ी
  • वसंत पंचमी पर भी संगम स्नान नहीं किया
  • प्रशासन से माफी की मांग पर अड़े
  • वैनिटी वैन से बाहर नहीं आए

प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद लगातार पांचवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच धरने पर बैठे शंकराचार्य की तबीयत बिगड़ गई है। उनके शिष्यों के अनुसार, गुरुवार सुबह से उन्हें तेज बुखार है।

अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ी होने के कारण वह वसंत पंचमी के बड़े स्नान पर्व पर भी संगम में स्नान के लिए बाहर नहीं निकले। दोपहर एक बजे तक वह अपनी वैनिटी वैन में ही रहे और एक बार भी बाहर नहीं आए।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक माघ मेला प्रशासन उनसे माफी नहीं मांगता, तब तक वह संगम स्नान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार नोटिस जारी कर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। उनका कहना है कि जब मौनी अमावस्या का स्नान अब तक नहीं हुआ है, तो वसंत पंचमी का स्नान कैसे किया जा सकता है।

शिष्यों का कहना है कि लगातार धरना, ठंड और तनाव के कारण शंकराचार्य की तबीयत बिगड़ी है। फिलहाल वह विश्राम कर रहे हैं और स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता ली जाएगी।

उधर, माघ मेला प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व पर शंकराचार्य के स्नान न करने से धार्मिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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