लखनऊ में दरोगा भर्ती परीक्षा के विवादित ‘पंडित’ सवाल पर युवक ने भर्ती बोर्ड कार्यालय में आत्मदाह की कोशिश की। पुलिस ने समय रहते बचाया। जानिए पूरा मामला।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा के एक सवाल को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजधानी लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड मुख्यालय पर मंगलवार को एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश की, जिसे मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने समय रहते बचा लिया।

जानकारी के अनुसार, बुलंदशहर निवासी दीपक शर्मा केरोसीन और माचिस लेकर बोर्ड कार्यालय पहुंचा था। जैसे ही वह मुख्य गेट के अंदर दाखिल हुआ, उसने अपने ऊपर केरोसीन छिड़कना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और केरोसीन की बोतल छीनकर बड़ा हादसा टाल दिया।

युवक का आरोप है कि दरोगा भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द को ‘अवसरवादी’ के विकल्प के रूप में शामिल कर ब्राह्मण समाज का अपमान किया गया है। उसने इस मामले में हजरतगंज थाना में शिकायत दी थी, लेकिन तीन दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं होने पर उसने यह कदम उठाया।

घटना के बाद पुलिस युवक को हुसैनगंज थाना ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक बैनर भी मिला, जिस पर लिखा था— “ब्राह्मण का अपमान नहीं सहा जाएगा।”

दरअसल, 14 मार्च को आयोजित SI भर्ती परीक्षा के सामान्य हिंदी प्रश्नपत्र में एक सवाल पूछा गया था— “अवसर के हिसाब से बदल जाने वाले को क्या कहेंगे?” इसके विकल्पों में ‘पंडित’ भी शामिल था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया।

इस मामले पर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सभी भर्ती बोर्डों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्रों में जाति और धर्म से जुड़े अमर्यादित शब्दों का प्रयोग न किया जाए।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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