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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज माघ मेला 2026 में प्रशासन से टकराव के बाद आर-पार के मूड में हैं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता और ससम्मान संगम स्नान नहीं कराता, तब तक शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे।

हाइलाइट्स :

  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रशासन की नोटिसों से नहीं डरे
  • कहा– हम टुकड़ों पर पलने वाले लोग नहीं हैं
  • माफी और ससम्मान संगम स्नान तक शिविर प्रवेश से इनकार
  • योगी सरकार पर गोहत्या और गोमांस एक्सपोर्ट को लेकर तीखा सवाल
  • डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को बताया समझदार नेता

प्रयागराज। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज माघ मेला 2026 में प्रशासन के खिलाफ आर-पार के मूड में नजर आ रहे हैं। मेला प्रशासन की ओर से जारी दो नोटिस, मेले से बैन करने और जमीन व सुविधाएं रद्द करने की चेतावनी के बावजूद शंकराचार्य अपने रुख पर अडिग हैं।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “हम टुकड़ों पर पलने वाले लोग नहीं हैं। प्रशासन चाहे तो जमीन और सुविधाएं वापस ले सकता है, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।”

माफी और संगम स्नान तक शिविर प्रवेश नहीं

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि जब तक प्रशासन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगता और उन्हें ससम्मान संगम स्नान नहीं कराता, तब तक वे शिविर में प्रवेश नहीं करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस वर्ष शिविर प्रवेश नहीं हुआ तो वे लौट जाएंगे, लेकिन अगले वर्ष फिर उसी तरह आएंगे और जहां पुलिस ने छोड़ा था, वहीं बैठेंगे।

दो नोटिस मिले, दोनों का जवाब दिया

शंकराचार्य ने बताया कि माघ मेला प्रशासन ने उन्हें अब तक दो नोटिस भेजे हैं।

  • पहले नोटिस में उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा गया
  • दूसरे नोटिस में जमीन और सुविधाएं वापस लेने व मेले से प्रतिबंध की चेतावनी दी गई

उन्होंने कहा कि दोनों नोटिसों का प्रमाण सहित जवाब दे दिया गया है।

‘असली कालनेमि कौन?’ – योगी सरकार पर हमला

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए “कालनेमि” वाले बयान पर पलटवार करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि योगी जी से ही पूछा जाना चाहिए कि कालनेमि कौन है।

उन्होंने कहा, “जिसके राज में गोहत्या हो रही है, गोमांस एक्सपोर्ट हो रहा है, वही असली कालनेमि है।”

उन्होंने बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर के विधानसभा बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब यूपी में रोज़ हजारों गायें कटने की बात कही जा रही है, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ

शंकराचार्य ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को समझदार बताते हुए कहा कि उनमें यह स्वीकार करने की समझ है कि प्रशासन से गलती हुई है। उन्होंने यहां तक कहा कि ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री होना चाहिए।

खुले में रहने से बिगड़ी तबीयत

शुक्रवार सुबह शंकराचार्य की तबीयत खराब हो गई। उन्होंने बताया कि ठंड और ओस में खुले में रहने के कारण बुखार आया, लेकिन दवा लेने के बाद अब स्थिति बेहतर है।

हाथी-बुलडोजर चल सकते हैं, पालकी से भगदड़?

प्रशासन की सख्ती पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब माघ मेले में हाथी, बुलडोजर और महंगी गाड़ियां चल सकती हैं, तो चार लोगों की पालकी से भगदड़ कैसे मच सकती है?

उन्होंने दोहराया कि “शिविर प्रवेश तभी होगा, जब ससम्मान गंगा स्नान कराया जाएगा।”

अब तक क्या-क्या हुआ?

आज: धरने का सातवां दिन, रुख कायम

18 जनवरी 2026: मौनी अमावस्या पर संगम स्नान रोका गया

19 जनवरी 2026: पहला नोटिस जारी

20 जनवरी 2026: कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

22 जनवरी 2026: दूसरा नोटिस, जमीन व सुविधा रद्द करने की चेतावनी

23 जनवरी 2026: शंकराचार्य की तबीयत बिगड़ी, बयान और कड़ा

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