मुरादाबाद महापौर बाउंड्रीवाल विवाद, विनोद अग्रवाल मुरादाबाद न्यूज, धीमरी गांव मुरादाबाद खबर, मुरादाबाद प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई, कंपोजिट विद्यालय निर्माण मुरादाबाद, Moradabad mayor boundary wall demolished, Vinod Agarwal Moradabad news, Moradabad administration bulldozer action, composite school construction Moradabad, UP local political news Moradabad,महापौर की बाउंड्रीवाल गिराने का विवाद मुरादाबाद, तहसील प्रशासन कार्रवाई मुरादाबाद, डीएम अनुज सिंह जांच मुरादाबाद, Moradabad mayor land dispute news, boundary wall demolition Moradabad UP, SDM action Moradabad controversy,मुरादाबाद जिला प्रशासन खबर, धीमरी गांव मुरादाबाद विवाद, विनोद अग्रवाल महापौर मुरादाबाद, Moradabad district news Uttar Pradesh, Moradabad mayor controversy, boundary wall demolition UP news, Moradabad DM Anuj Singh action, Uttar Pradesh district political news, Moradabad land dispute news,#MoradabadNews, #UPNews, #VinodAgarwal, #BulldozerAction, #DistrictAdministration, #LocalPolitics, #BoundaryWallDemolition, #UttarPradeshNews, #HindiNews, #GoogleDiscover

मुरादाबाद के धीमरी गांव में कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए सरकारी जमीन की पैमाइश के दौरान महापौर विनोद अग्रवाल की बाउंड्रीवाल गिराने पर विवाद खड़ा हो गया। महापौर ने एसडीएम सदर पर आरोप लगाते हुए डीएम और कमिश्नर से शिकायत की है।

मुरादाबाद। मुरादाबाद जिले के धीमरी गांव में कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। तहसील प्रशासन की टीम ने पैमाइश के दौरान कथित रूप से महापौर विनोद अग्रवाल की बाउंड्रीवाल पर बुलडोजर चलाकर उसे गिरा दिया।

मामले की जानकारी जैसे ही महापौर तक पहुंची, उन्होंने इसे गलत कार्रवाई बताते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महापौर ने आरोप लगाया कि एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा की शह पर उनकी जमीन की बाउंड्रीवाल गिराई गई है। इसके बाद उन्होंने पूरे प्रकरण की शिकायत जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से की।

बताया जा रहा है कि धीमरी गांव में कक्षा एक से बारह तक के कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए सरकारी भूमि की पैमाइश कर गाटा चिन्हित किए जा रहे थे। इसी दौरान प्रशासनिक टीम ने जेसीबी की मदद से बाउंड्रीवाल का हिस्सा गिरा दिया।

महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने करीब 10 वर्ष पहले नौ बीघा जमीन खरीदी थी और तब से उस पर खेती की जा रही है। जमीन पर पहले से बाउंड्रीवाल बनी हुई है। उनका आरोप है कि प्रशासनिक टीम बिना किसी सूचना के मौके पर पहुंची और बाउंड्रीवाल गिरा दी। विरोध करने पर टीम मौके से चली गई।

महापौर ने यह भी कहा कि बाउंड्रीवाल गिराने से खेत में खड़ी गेहूं की फसल को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया है।

वहीं, तहसील प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान बाउंड्रीवाल का एक हिस्सा सरकारी गाटा में आ रहा था, जिसके कारण उसे हटाया गया।

इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कहा कि महापौर की शिकायत मिली है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वह स्वयं मौके पर पहुंचकर दोबारा पैमाइश अपने सामने कराएंगे, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।

उधर मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि महापौर की शिकायत के बाद एसडीएम सदर से जानकारी ली गई है। यदि जांच में प्रशासनिक टीम की कार्रवाई गलत पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस पूरे प्रकरण ने मुरादाबाद में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया है और सभी की नजर अब दोबारा होने वाली पैमाइश पर टिकी है।

“देश-दुनिया से जुड़े राजनीतिक, मनोरंजन और खेल और सामयिक घटनाक्रम की विस्तृत और सटीक जानकारी के लिए ‘राष्ट्रीय प्रस्तावना’ के साथ जुड़े रहें। ताज़ा खबरों, चुनावी बयानबाज़ी और विशेष रिपोर्ट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।”

Tags:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *