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SIR in UP के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 25 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। 28 जनवरी तक सुनवाई चलेगी, जबकि फरवरी में 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। पूरी जानकारी पढ़ें।

हाइलाइट्स :

  • विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 25 लाख मतदाताओं को नोटिस
  • पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाता चिह्नित
  • सुनवाई की अंतिम तारीख 28 जनवरी 2026
  • 9154 अधिकारी और 3793 स्थानों पर सुनवाई
  • फरवरी में 2.22 करोड़ मतदाताओं को नोटिस की तैयारी

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान के तहत अब तक 25 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन मतदाताओं की सुनवाई प्रक्रिया बुधवार से शुरू हो चुकी है, जो 28 जनवरी 2026 तक चलेगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ के अनुसार, इस अभियान के पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाताओं को चिह्नित किया गया है, जिनका रिकॉर्ड वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध नहीं पाया गया। इन्हीं मतदाताओं को चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे जा रहे हैं।

पहले दिन प्रदेशभर में 3793 स्थानों पर सुनवाई आयोजित की गई, जिसके लिए 9154 अधिकारियों को तैनात किया गया है। इनमें 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) भी शामिल हैं। नोटिस प्राप्त मतदाताओं को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने जानकारी दी है कि दूसरे चरण में लगभग 2.22 करोड़ मतदाताओं को “तार्किक विसंगति” (Logical Discrepancy) की श्रेणी में रखा गया है। इन मतदाताओं को फरवरी 2026 में नोटिस जारी किए जाएंगे।

चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

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